पाठ-3 अनोखा ढंग Q/A
शब्दार्थ-
१. प्रसार – फैलाना
२. जुलाहा – कपड़ा बुनने वाला
३. खीझ – झुंझलाहट
४. अनमोल – अमूल्य
५. कसौटी – परीक्षा,परख
६. खुद – स्वयं
७. सफर – यात्रा
८. अनोखा – सबसे अलग
९. स्वयंसेवक – बिना स्वार्थ के काम करने वाला
१०.खुशी का ठिकाना न रहा – बहुत खुश होना
२. जुलाहा – कपड़ा बुनने वाला
३. खीझ – झुंझलाहट
४. अनमोल – अमूल्य
५. कसौटी – परीक्षा,परख
६. खुद – स्वयं
७. सफर – यात्रा
८. अनोखा – सबसे अलग
९. स्वयंसेवक – बिना स्वार्थ के काम करने वाला
१०.खुशी का ठिकाना न रहा – बहुत खुश होना
पाठ-3 अनोखा ढंग Q/A
कहानी में से
1.गाँधी जी पैदल यात्रा क्यों कर रहे थे?
गाँधी जी शांति का प्रसार करने के लिए पैदल यात्रा कर रहे थे।
2.गाँधी जी खुरदरे पत्थर का उपयोग क्यों करते थे?
गाँधी जी खुरदरे पत्थर का उपयोग स्नान करते समय पेैर साफ़ करने के लिए करते थे।
3.गाँधी जी ने मनु को पत्थर खोजने के लिए कहाँ भेजा?
गाँधी जी ने मनु को पत्थर खोजने के लिए जुलाहे के घर भेजा।
4.मनु ने जुलाहे के घर पहुँचने का क्या तरीका अपनाया?
1.गाँधी जी पैदल यात्रा क्यों कर रहे थे?
गाँधी जी शांति का प्रसार करने के लिए पैदल यात्रा कर रहे थे।
2.गाँधी जी खुरदरे पत्थर का उपयोग क्यों करते थे?
गाँधी जी खुरदरे पत्थर का उपयोग स्नान करते समय पेैर साफ़ करने के लिए करते थे।
3.गाँधी जी ने मनु को पत्थर खोजने के लिए कहाँ भेजा?
गाँधी जी ने मनु को पत्थर खोजने के लिए जुलाहे के घर भेजा।
4.मनु ने जुलाहे के घर पहुँचने का क्या तरीका अपनाया?
जुलाहे के घर पहुँचने के लिए मनु ने पैरों के निशान को देखने-खोजने का तरीका अपनाया।
जीवन मूल्य
1.गाँधी जी के तीनों बंदर हमें यह संदेश दे रहै हैं कि हमें बुरी चीज़ें नहीं देखनी चाहिए,बुरी बातें नहीं
सुननी चाहिए और बुरी बातें नहीं कहनी चाहिए।
2.बुरी बातों से हम कैसे बच सकते हैं?
बुरी बातों से बचने के लिए हमें कोई गलत काम नहीं करना चाहिए।
हमें बुरी चीज़ें नहीं देखनी चाहिए,बुरी बातें नहीं
सुननी चाहिए और बुरी बातें नहीं कहनी चाहिए।
